Dengue ke lakshan-डेंगू की सही पहचान

Dengue ke lakshan-डेंगू कोई महामारी नहीं है जिससे बचा ना जा सके यह भी एक सामान्य बीमारी है जिससे आप आसानी से बच सकते हैं लेकिन डेंगू के बारे में पूरी जानकारी ना हो पाने के कारण बहुत सारे लोग अपनी जान से हाथ धो बैठते हैं जिस वजह से भारत सरकार स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने 16 मई को राष्ट्रीय डेंगू दिवस मनाने का फैसला लिया जिसका उद्देश्य देश में डेंगू के प्रति लोगों को जागरूक करना और डेंगू से बचाव करना है।

Dengue ke lakshanडेंगू एक मच्छर से फैलने वाला रोग है जो की एडिस नामक मच्छर के काटने से होता है इस मच्छर की खास बात यह है कि यह मच्छर केवल दिन में ही काटता है डेंगू का वायरस बहुत ही तेजी से फैलता है जब मच्छर डेंगू से पीड़ित रोगी को काटकर किसी स्वस्थ व्यक्ति को काट लेता है तो स्वस्थ व्यक्ति को भी डेंगू हो जाता है डेंगू का एकमात्र इलाज डेंगू से बचाव ही है।


1.डेंगू के लक्षण-Dengue ke lakshan

अगर किसी व्यक्ति को डेंगू का मच्छर काट लेता है और डेंगू का वायरस उस व्यक्ति के शरीर में प्रवेश कर जाता है तो उस व्यक्ति में डेंगू के लक्षण 5-7 दिन बाद में दिखने शुरू होते हैं डेंगू के शुरुआती लक्षणों में सर में दर्द होता है जोड़ों में दर्द होता है शरीर की मांसपेशियों में दर्द होने लगता है तेज बुखार ,व्यक्ति में चिड़चिड़ापन आ जाता है शरीर का तापमान अचानक से 105 डिग्री के पास पहुंच जाता है ,ब्लड प्रेशर कम हो जाता है ।डेंगू मे हिमोरेगिक बुखार सबसे खतरनाक होता है जिस में खून की कमी  ,शरीर में लाल तथा बैंगनी रंग के फफोले बन जाते हैं रोगी के नाक तथा मसूड़ों से खून आने लगता है


2.डेंगू का उपचार

डेंगू एक सामान्य सी बीमारी है जिससे आसानी से बचा जा सकता है वैसे डेंगू की कोई दवा नहीं है। डेंगू से होने वाली परेशानियों को कम करके डेंगू का इलाज किया जा सकता है। बुखार को कम करके तथा पानी की कमी को पूरा करके इसका इलाज संभव है डेंगू के लक्षण दिखने पर रोगी की खून की जांच अवश्य करवा लेनी चाहिए। डेंगू के रोगी को तरल पदार्थ का सेवन कराते रहना चाहिए तेज बुखार होने पर रोगी को पेरासिटामोल देनी चाहिए तथा माथे पर ठंडे पानी की पट्टी रखनी चाहिए।>गंभीर स्थिति में रोगी को अस्पताल में दाखिल कराना चाहिए।


3.डेंगू का फैलाव

डेंगू  संक्रमण रोग नहीं है बल्कि यह मच्छर के काटने से फैलने वाला रोग है ''यह उस मच्छर के काटने से होता है जिसने पहले से ही किसी डेंगू के मरीज को काटा हो ''जब यह मच्छर स्वस्थ व्यक्ति के शरीर पर काटता है तो डेंगू का वायरस शरीर में चला जाता है यह मच्छर बारिश के मौसम में तेजी से फैलता है यदि किसी स्वस्थ व्यक्ति को यह मच्छर एक बार काट लेता है तो भी उसको डेंगू हो जाता है डेंगू का वायरस एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में नहीं फैलता है साथ में उठने -बैठने से साथ में खाने -पीने से डेंगू नहीं फैलता है जिन लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है उनको यह वायरस जल्दी ही अपना शिकार बना लेता है


4.डेंगू से बचाव

दरअसल डेंगू का बचाव डेंगू फैलाने वाले मच्छरों से बचना ही है जिनसे डेंगू के वायरस फेलते हैं मच्छरों से बचने का हर संभव प्रयास करना चाहिए जैसे :-मच्छरदानी लगा कर सोना चाहिए पूरी बाजू के कपड़े पहन के बाहर निकलना चाहिए। पानी को रुकने या जमा नहीं होने देना चाहिए डेंगू प्रभावित क्षेत्र में जाने से बचना चाहिए अगर जाना जरूरी हो तो पूरी तैयारी के साथ जाना चाहिए। अगर बारिश के मौसम में या बदलते मौसम में किसी जगह पर जा रहे हैं तो मच्छरों से बचने वाले उत्पादों का प्रयोग जरूर करें डेंगू का निवारण बहुत कम समय में तथा थोड़े से प्रयासों से ही किया जा सकता है समान्यत :डेंगू का असर 10 से 15 दिन तक रहता है


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