अधिक एंटीबायोटिक लेने के नुक्सान-Adhik Antibiotic lene ke nuksaan

किसी भी व्यक्ति को सामान्य सिर दर्द पेट दर्द या बुखार आदि होना एक आम समस्या है जिस से निजात पाने के लिए वह व्यक्ति एंटीबायोटिक का इस्तेमाल करता है और उस एंटीबायोटिक के इस्तेमाल से व्यक्ति बहुत जल्द ही ठीक भी हो जाता है और यह तरीका सही भी है लेकिन कई बार व्यक्ति एक बार ठीक होने के बाद उस एंटीबायोटिक का इस्तेमाल बार-बार करने लग जाता है चाहे सरदर्द हो चाहे पेटदर्द हो या फिर बुखार ऐसा करने से शरीर पर बुरा प्रभाव पड़ता है।

अधिक एंटीबायोटिक लेने के नुक्सान  

रोजाना की भागदौड़ भरी जिंदगी में टेंशन के कारण या फिर गलत खानपान के कारण हमें सिरदर्द, पेटदर्द जैसी सामान्य परेशानियों का सामना करना पड़ता है इसमें हमें एंटीबायोटिक लेने की जरूरत पड़ती है लेकिन जरूरत से अधिक एंटीबायोटिक लेना हमारे लिए परेशानी खड़ी कर सकता है एंटीबायोटिक हमारे शरीर में रोग प्रतिरोधक का काम करता है जो कि हमें किसी भी रोग से लड़ने में सहायक होते हैं लेकिन कई बार यह एंटीबायोटिक हमारे लिए जानलेवा बीमारी का कारण भी बन सकता है।


WHO के मुताबिक एंटीबायोटिक हमारे शरीर में वायरस को रोकने और उसके इलाज में इसका उपयोग किया जाता है नॉरमल इन्फेक्शन के टाइम आप आसानी से एंटीबायोटिक के प्रयोग से ठीक हो सकते हैं।

शरीर में क्या होता है अधिक एंटीबायोटिक लेने से 

हम एंटीबायोटिक लेते हैं इससे बीमारी ठीक हो जाती है यहां तक तो ठीक है लेकिन जरूरत से अधिक एंटीबायोटिक लेने पर हमारे शरीर में उस एंटीबायोटिक के विरुद्ध ऑर्गेज्म्स विकसित होने लगते हैं अधिक एंटीबायोटिक लेने से शरीर में एंटीबायोटिक प्रतिरोध बैक्टीरिया विकसित होने लगते हैं बिना किसी जरूरत के एंटीबायोटिक लेने से भी एंटीबायोटिक का प्रतिरोध बढ़ता है एंटीबायोटिक का प्रतिरोध तब होता है जब शरीर में बैक्टीरिया अपना स्वरूप बदलना शुरू कर देते हैं जिससे शरीर पर किसी भी एंटीबायोटिक का असर होना कम हो जाता है फिर कोई भी संक्रमण होने पर व्यक्ति जल्दी ठीक नहीं होता है। अधिक एंटीबायोटिक से शरीर पर पड़ता है बुरा प्रभाव 

  • डायरिया:-अधिक एंटीबायोटिक के इस्तेमाल से डायरिया जैसी खतरनाक बीमारियां पैदा हो सकती है अधिक एंटीबायोटिक के इस्तेमाल से और रोग से संबंधित दवाइयों का असर कम होने लगता है जिससे रोगी जल्दी ठीक नहीं हो पाता है और अधिक समय तक उसका इलाज चलता है जिस से इलाज का खर्चा भी बढ़ता है अधिक समय तक डायरिया रहने पर मनुष्य की मौत भी हो सकती है।

  • दिमाग:- बिना जरूरत के एंटीबायोटिक लेने से दिमाग पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ता है मनुष्य की सोचने समझने की क्षमता कमजोर होने लगती है जिससे व्यक्ति के शरीर में अलग-अलग प्रकार की बीमारियां जन्म ले लेती है और व्यक्ति को शारीरिक तथा मानसिक रूप से कमजोर कर देती है जिससे व्यक्ति की मृत्यु तक भी हो सकती है।

  • अधिक एंटीबायोटिक का सेवन करने से हमारे शरीर के अंदर एंटीबायोटिक प्रतिरोध बढ़ता है जिससे हमारे शरीर पर अन्य दवाइयों का असर होना बंद हो जाता है। एंटीबायोटिक हर बीमारी का इलाज नहीं है एक बार अगर शरीर में एंटीबायोटिक रेजिस्टेंट बैक्टीरिया की वृद्धि होने लग जाती है तो इन को खत्म करने के लिए एक स्ट्रांग एंटीबायोटिक की जरूरत पड़ती है जो कि मनुष्य के लिए बहुत ही खतरनाक साबित हो सकता है।

एंटीबायोटिक से होने वाले नुकसान से बचने के लिए क्या करे


  • अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने की कोशिश करनी चाहिए जिससे यदि आपको नार्मल इंफेक्शन हो तो भी आपका शरीर अपने आप उस इनफेक्शन से आपको बचा सके।

  • कई बार हमारे लिए एंटीबायोटिक लेना जरूरी हो जाता है ऐसे समय में डॉक्टर की सलाह से ही एंटीबायोटिक का इस्तेमाल करें।

  • यदि आप एंटीबायोटिक का इस्तेमाल सही तरीके से नहीं करेंगे तो यह है फायदे की जगह नुकसान भी कर सकती है।

  • यदि आपको किसी एंटीबायोटिक से एलर्जी है तो अपने डॉक्टर से इस बारे में जरूर बात करें।

  • यदि आपको डॉक्टर एंटीबायोटिक लेने के लिए बोलता है तो डॉक्टर के बताए अनुसार ही एंटीबायोटिक का इस्तेमाल करें।

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